कैंसर में भृंगराज से जान का खतरा, बूटी नही उगने का स्थान जहर भरा

कैंसर में भृंगराज से जान का खतरा, बूटी नही उगने का स्थान जहर भरा
पंकज अवधिया

आपका परिवार पीढीयों से आम लोगों की सेवा कर रहा है. आप केरल से हैं और कैंसर के रोगियों के लिए दवाएं देते हैं.

आपने बताया कि सुबह से आपके घर के सामने रोगियों की लम्बी कतार लगती है जो रात तक खत्म नही होती है. आप गुटखे के कारण होने वाले मुंह के कैंसर की दवा ही देते हैं.

आपने बताया कि रोगियों को खाली पेट एक काढा दिया जाता है जिसमे बाईस किस्म की जड़ी-बूटियाँ होती हैं. यह काढा आप बिना किसी परिवर्तन के पीढीयों से इस्तमाल कर रहे हैं.और इसके बारे में आपके परिवार के बाहर किसी को जानकारी नही है.

आपने बताया कि पिछले कुछ समय से जब आप यह काढा रोगियों को देते हैं तो उनके मुंह में थूक की मात्रा बढ़ जाती है और उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगती है.

आपको लगता है कि इस काढ़े का प्रयोग अब कैंसर को फैला रहा है. इसके लिए आप कैंसर को दोषी मानते है जिसपर अब बहुत सी दवाओं का असर नही होता है. पर आपके दादा का कहना है कि उनके काढ़े में ही दोष है. इसलिए आपने राज्य के आयुर्वेद संस्थान से संपर्क किया जिन्होंने आपको मुझसे मिलने की सलाह दी है.

मैं आपका आभारी हूँ जो आपने पूरे फार्मूले के बारे में विस्तार से बताया और पारिवारिक राज मुझे बता दिया. मैंने फार्मूले का परीक्षण किया है और मुझे इस फार्मूले में कोई दोष नजर नही आता है. मैंने आपसे कहा था कि इसमें प्रयोग की जाने वाली सभी जड़ी-बूटियों को कहां से एकत्र किया जाता है इस बारे में विस्तार से बताएं.

लम्बी चर्चा के बाद मुझे भृंगराज पर शक हुआ था. आपने बताया कि आपका  परिवार इसे स्वयं एकत्र करता है धान के खेतों से. इसलिए इसमें किसी तरह की मिलावट का सवाल ही नही उठता है.

मैंने आपसे पूछा था कि क्या इस काढ़े को लेने के बाद रोगियों की मांस-पेशियों में भी अकडन होती है और लम्बे समय तक दर्द  होता रहता है तो आपने कहा था कि हाँ ऐसा होता है.

मुझे लगता है कि धान के खेतों में कीट नियंत्रण के लिए डाले जा रहे किसी पेस्टीसाइड का असर धान के खेतों में उगने वाले भृंगराज तक पहुंच गया है जिससे ऐसे लक्ष्ण आ रहे हैं. धान के खेतों में प्रयोग किये जा रहे फोरेट जैसे कृषि रसायनों के कारण मनुष्यों में ऐसे लक्ष्ण आते हैं.

आपने बताया कि पिछले वर्ष तक धान के खेतों में जैविक आदानो का प्रयोग होता था पर जब से युवा पीढी ने खेतों को सम्भालना शुरू किया है तब से वे पेस्टीसाइड डालने लगे हैं. आपने बताया कि वे फोरेट का जमकर उपयोग करते हैं.

आपको मैं यही सलाह देना चाहूंगा कि आप भृंगराज का एकत्रण ऐसे स्थान से करे जहां जहरीले रसायनों की पहुंच न हो. इससे आपके काढ़े का दोष दूर हो जाएगा.

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है,


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