औषधीय फसल बच (एकोरस कैलामस) की वर्तमान दशा और दिशा- मेरे अनुभव
औषधीय फसल बच (एकोरस कैलामस) की वर्तमान दशा और दिशा- मेरे अनुभव पंकज अवधिया , वनौषधी विशेषज्ञ , रायपुर (छत्तीसगढ़) नवगठित राज्य छत्तीसगढ़ में धान की खेती से लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए जब विषय विशेषज्ञों और कृषि वैज्ञानिकों ने बतौर विकल्प नई फसलों की खोज प्रारंभ की तो उन्हें अधिक लाभ देने वाली बहुत सी फसलों के विषय में जानकारियाँ मिली। इसमें से अधिकतर फसल धान के खेतों में नहीं लगाई जा सकती थी। जिसके कारण इन नयी फसलों को अपनाने के लिए धान के खेतों को नये रूप में परिवर्तित करने की आवश्यकता थी। किसान इसके लिए कतई तैयार नहीं थे। ऐसे विकट समय से राज्य के एक प्रगतीशील किसान श्री दीन दयाल वर्मा ने उम्मीद की नई किरण दिखाई। श्री वर्मा काफी लंबे समय से नाना प्रकार की औषधीय एवं सगंध फसलों की खेती कर रहे थे। जिनमें औषधीय फसल बच भी शामिल थी। एक समय तो बच की खेती में उत्पादन और क्षेत्रो के आधार पर वे अग्रणी बच उत्पादकों में से थे। उन्होंने अपने सा...