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क्या पैराप्लेजिया से प्रभावितों की गुजारिश सुन उन्हें राहत दे पायेगा पारम्परिक ज्ञान?

पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान के साथ मेरी जीवन यात्रा-3 - पंकज अवधिया क्या पैराप्लेजिया से प्रभावितों की गुज़ारिश सुन उन्हें राहत दे पायेगा पारम्परिक ज्ञान? मोटरसाइकिल पर जा रहे उस व्यक्ति को ट्रक ने ठोकर मारी और उसका सिर फट गया| वह बेसुध होकर गिर पडा| जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया तो उसके बचने की उम्मीद नहीं के बराबर थी| डाक्टरों ने अथक मेहनत से उसकी जान तो बचा ली पर इस दुर्घटना ने उसे लाचार बना दिया| कंधे के नीचे रीढ़ पर आयी चोट ने उसके नीचे के भाग को सुन्न कर दिया पूरी तरह से| उसके परिजनों ने एडी चोटी का जोर लगा दिया पर दो वर्षों में बाद वे निराश हो गए| उस व्यक्ति को भी यह आभास हो गया कि अब ऐसे ही उसे जिन्दगी काटनी होगी| मल-मूत्र के विसर्जन से लेकर सभी दैनिक कार्यों के लिए उसे एक मददगार की जरूरत पड़ेगी| यह घटना १५ वर्ष पुरानी है| आज सुबह मैं उस जीवन से संघर्ष कर रहे व्यक्ति के सामने खड़ा था| पिछली रात बड़ी विचित्र सपनो से भरी थी| नियमित आठ घंटे की नींद साढ़े पांच घंटों में ही समाप्त हो गयी| उस व्यक्ति से मिलने जाने की आ...