फेफड़ों के कैंसर में Docetaxel के साथ खम्हार, मांस-पेशियों में पैदा करे विकार

फेफड़ों के कैंसर में Docetaxel के साथ खम्हार, मांस-पेशियों  में पैदा करे विकार
पंकज अवधिया

हमारे देश में ही नही बल्कि पूरी दुनिया में दवाओं के बीच होने वाली प्रतिक्रियाओं पर गम्भीर और गहन शोध होना आवश्यक है, उसके बिना इस तरह के मामले लगातार सामने आते रहेंगे.

आपको फेफड़ों का कैंसर है और आप कनाडा से आये हैं. इस कैंसर के लिए आपको Docetaxel नामक दवा दी जा रही है. इसके बहुत सारे साइड इफेक्टस हो रहे हैं जिसके बारे में आप और आपके चिकित्सक जानते हैं.

आपके डाकटर का कहना है कि आपकी मांस-पेशियों में जो बदलाव आ रहे हैं और वे विकृत होती जा रही हैं उसके लिए न तो आपका कैंसर और न ही आपको दी जा रही दवा जिम्मेदार है.

 मांस –पेशियों में यह बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है जो चिंता का विषय है. आपके चिकित्सक ने पहले मुझसे फोन पर बात करने का समय लिया और फिर अब आप इतनी दूर से मुझसे मिलने आये हैं.
  
इस कैंसर की चिकित्सा के लिए आप जो आयुर्वेदिक दवाएं साथ में ले रहे हैं उसके बारे में आपने अपने चिकित्सक से कुछ छिपाया नही है. आपके चिकित्सक ने आपको साफ कह दिया है कि ये दवाएं उनकी दवाओं के साथ कैसे रिएक्ट करेंगी इसकी जानकारी उनको नही है.

आपने इंटरनेट खंगाला पर इस तरह की कोई जानकारी आपको नही मिली. आपको बताया गया है कि आयुर्वेदिक दवाएं सभी तरह के साइड इफेक्ट्स से मुक्त है. पर फिर भी आपको लगता है कि इस बारे में उपलब्ध सारी जानकारियाँ जुटा ली जाएँ उसके बाद सभी तरह की दवाओं को पूरे मन से लिया जाए. इसलिए आप मुझसे मिलने आये हैं. मैं आपकी मदद करूंगा.

आपने बताया कि आप दिन में तीस प्रकार की जड़ी-बूटियों का प्रयोग कर रहे हैं. इनमे से ज्यादातर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए है और केवल कुछ ही कैंसर को ठीक करने का माद्दा रखती हैं.

इनमे से बहुत सारी जड़ी-बूटियों को दूध के साथ लेना है पर आपको बताया गया है कि कैंसर के रोगियों के लिए दूध घातक हो सकता है इसलिए आप इन्हें पानी के साथ ले रहे हैं.

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आपके कैंसर की दवा Docetaxel सामान्यतौर पर  खम्हार या गम्भारी नामक वनस्पति से नकारात्मक प्रतिक्रिया नही करती है जब तक उसे पर्याप्त दूध के साथ लिया जाता है. जब इसे दूध के साथ नही लिया जाता है तब इसकी Docetaxel से नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है और वैसे ही लक्ष्ण पैदा होते हैं जैसे कि आपके शरीर में दिख रहे हैं.

मैं आपको सलाह देना चाहता हूँ कि आप खम्हार का प्रयोग या तो दूध के साथ करें या इसे पूरी तरह से लेना बंद कर दे.

आप चाहे तो मैं कुछ और जड़ी-बूटियां खम्हार के साथ जोड़ देता हूँ जिससे कि इसके दोष खत्म हो जाएँ पर आप वैसे ही एक दिन तीस जड़ी-बूटियाँ ले रहे हैं ऐसे में और जड़ी-बूटियाँ जोड़ना मुझे ठीक नही लग रहा है.

आप यदि जड़ी-बूटियों को दस तक सीमित कर दें तो मुझे विश्वास है कि आपको जल्दी ही लाभ होने लगेगा. इन दस जड़ी-बूटियों की सूची मैं आपको दे रहा हूँ.  इनके साथ Docetaxel का प्रयोग दोषमुक्त है.   

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.
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कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 
सर्वाधिकार सुरक्षित
 E-mail:  pankajoudhia@gmail.com

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