ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है स्तनों को सुडौल बनाने की दवा से, हमेशा बचकर रहे ऐसे विज्ञापनों की हवा से

ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है स्तनों को सुडौल बनाने की दवा से, हमेशा बचकर रहे ऐसे विज्ञापनों की हवा से
पंकज अवधिया   

आपके द्वारा भेजे गये चारो नमूने मुझे मिल गये हैं.

आप बंगलुरु की जानी-मानी फार्मा कम्पनी के साइंटिस्ट हैं और आप स्तनों को सुडौल बनाने के लिए हर्बल फार्मूलेशन विकसित करने में लगे हुए हैं. आपने देश भर से कई तरह के फार्मूलेश्न्स खरीदे हैं और फिर मुझसे मिलने का समय लिया है ताकि इन पर मैं अपने विचार रख सकूं. आप अपनी पूरी टीम के साथ आये हैं और आपने एक पूरा दिन इस चर्चा के लिए रखा है.

पहला नमूना एक चूर्ण के रूप में है जिसे आप विदर्भ से लेकर आये हैं. मैंने इसके घटकों की जांच की है. जिस व्यक्ति से आप इसे लेकर आये हैं उससे मैं भली-भांति परिचित हूँ.  वह इस फार्मूले के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है.

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि स्तनों को सुडौल बनाने में यह फार्मूला कारगर है पर इसके साथ कुछ समस्याएं हैं. इसका प्रयोग यदि एक महीने तक किया जाए तो ठीक है. पर लम्बे समय तक इसका प्रयोग ब्रेस्ट कैंसर के लिए उत्तरदायी होता है.

मेरे पास पिछले कुछ वर्षों में ऐसे बहुत से मरीज आयें हैं जिन्होंने इस फार्मूले का प्रयोग किया और बाद में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर के होने का पता लगा.

गुप्त घटक के नाम पर इस फार्मूले में कई तरह के विषैले कीटों का सत्व डाला जाता है जिससे कैंसर होने की सम्भावना रहती है. यदि इन गुप्त घटकों को फार्मूले से हटा दिया जाए तो फार्मूला कम प्रभावी हो जाएगा पर उस्जा दोष खत्म हो जाएगा.

दूसरा नमूना आप राजस्थान से लेकर आये हैं. इसमें प्रयोग किये गये सभी घटक जड़ी-बूटियाँ से ही तैयार किये गये हैं. यह कम प्रभावशाली फार्मूला है और पूरे असर के लिए इसे लम्बे समय तक इस्तमाल करना होता है.

आप इसे जिस पारम्परिक चिकित्सक से लेकर आये हैं वे कैंसर की चिकित्सा के लिए क्षेत्र में जाने जाते हों. वे कभी भी ऐसा फार्मूला नही देंगे जिससे कि कैंसर की सम्भावना हो.

तीसरा नमूना आप दिल्ली के किसी वैद्य से लेकर आये हैं. इसमें  जड़ी-बूटियों के साथ एक गोपनीय घटक को डाला गया है. यह बहुत अधिक  प्रभावशाली है और आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि ब्रेस्ट कैंसर में इसकी  उपयोगिता है.

इसे वे तेल के रूप में देते हैं. गोपनीय घटक बरसात में केवल कुछ समय के लिए धरती की सतह पर दिखने वाला मकोड़ा है जिसका प्रयोग हमारे प्राचीन ग्रन्थों में भी लिखा है. यह फार्मूला पूरी तरह से सुरक्षित है.

चौथा फार्मूला भले ही स्तन को सुडौल बनाने के नाम पर दिया जाता है पर यह पूरी तरह से बेअसर है.

आशा है मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी.

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.
-=-=-
कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 
सर्वाधिकार सुरक्षित
 E-mail:  pankajoudhia@gmail.com

-=-=-

Comments

Popular posts from this blog

Some well known and promising traditional formulations and home remedies of Chhattisgarh, India needing scientific explanation. 6-405. [Compilation of Summaries and Research Articles] (New comments and results of recent [year 2005 onwards] Ethnobotanical surveys)

गुलसकरी के साथ प्रयोग की जाने वाली अमरकंटक की जड़ी-बूटियाँ:कुछ उपयोगी कड़ियाँ

तेलिया कंद से चमत्कारिक कैंसर उपचार: ठगी का एक और माध्यम