कैंसर में जहरीले केले से करें इंकार, ढेरों सलाहों की बजाय प्रमाणित अनुशंसाओं को करें स्वीकार

कैंसर में जहरीले केले से करें इंकार, ढेरों सलाहों की बजाय प्रमाणित अनुशंसाओं को करें स्वीकार
पंकज अवधिया  

अच्छे से पानी पीने के बावजूद जब आपकी पेशाब का रंग गहरा ही रहा तो मैंने आपको सलाह दी कि आप अपने मल की जांच करवाएं.

मल की जाँच से पता  चला कि आपको तैलीय मल हो रहा है. उसके बाद आपने कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श लिया तो मेरी आशंका सही साबित हुयी कि आपको अग्नाशय का कैंसर Pancreatic Cancer है जो कि लीवर तक फैल चुका है.

आपके चिकित्सकों ने पहले तो आपको कीमोथेरेपी की सलाह दी पर रोग की जटिलता को देखते हुए कीमोथेरेपी से मना कर दिया.

टयूमर की स्थिति को देखते हुए आपके देश में कोई भी चिकित्सक सर्जरी के लिए तैयार नही हुआ. आपने अपने खर्च पर जर्मनी जाकर भी सर्जरी की सम्भावनाओं को खोजा पर समस्या का कोई हल नही निकला अब थकहार कर आप वापस मेरे पास आई हैं इस उम्मीद में कि मैं कुछ उपाय सुझा सकूं.

आप लम्बे समय तक भारत में रुकने के लिए तैयार हैं. आप एक अध्यात्मिक सन्गठन से जुडी हुयी है और उनके आश्रम में ही रहकर आप इस कैंसर का इलाज करवाना चाहती हैं.

आपको अमेरिका के एक जाने-माने कैंसर विशेषज्ञ ने अधिक से अधिक मात्रा में केला खाने की सलाह दी है. ब्राजील के कैंसर विशेषज्ञ ने अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है जबकि फ्रांस के कैंसर विशेषज्ञ ने अलसी खाने की सलाह दी है.

मैं इस कैंसर से लड़ने में आपकी पूरी मदद करूंगा.

मैं आपको सलाह देना चाहता हूँ कि आप भारत में केले के उपयोग से बचें क्योंकि यहाँ आजकल केले को पकाने के लिए जहरीले रसायनों का प्रयोग होता है. आम लोग इसके बारे में जानते हैं और देश के अखबार बार-बार इस ओर ध्यान दिलवाते रहते हैं फिर भी खुलेआम इस रसायन का प्रयोग हो रहा है.

मैंने अपने अनुभव से जाना है कि कैंसर के रोगियों के लिए ऐसा केला अभिशाप है. बहुत से मामलों में केले के प्रयोग से मैंने कैंसर को तेजी से फैलते देखा है. ऐसे केले नये रोगियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा कर रहे हैं.

पानी आप संतुलित मात्रा में पीयें न ज्यादा न बहुत कम. अधिक पानी पीने से आपका कैंसर ठीक हो जाएगा इस बात की कोई गारंटी नही है उलटे आपके क्षतिग्रस्त हो रहे अंगों पर अनावश्यक ही दबाव पड़ेगा. इसलिए सभी बातों में संतुलन जरूरी है.

आप अलसी का प्रयोग कर सकती हैं या नही यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपको कौन सा औषधीय मिश्रण दिया जा रहा है.

अलसी के प्रयोग से फायदे बहुत हैं पर इसका विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है. भारत में इन दिनों अलसी के सेवन का दौर चल रहा है. इसे रामबाण मानकर ज्यादातर लोग इसका सेवन कर रहे हैं. बहुत लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो रही है पर उन्हें लगता है कि यह नुकसान किसी और कारण से हो रहा है.

इस कैंसर की चिकित्सा तीन चरणों में होगी. पहले चरण में तो आपकी जीवनी शक्ति को मजबूत बनाया जाएगा और फिर आपके टयूमर को तोड़ने की व्यवस्था की जायेगी.

तीसरे चरण में कैंसर के समूल नाश के बाद यह दोबारा न हो-इसके लिए प्रयास किये जायेंगे. ये तीनो चरण किसी निश्चित अवधि के नही होंगे क्योंकि आप की हालत ठीक नही है और रोग काफी बढ़ चुका है. हो सकता है आपकी जीवनी शक्ति को बढाने और टयूमर को तोड़कर शरीर से बाहर निकालने का काम साथ-साथ हो.

आप हौसला रखें. हम हार नही मानेगे. आप कैंसर को अपने दिलो-दिमाग पर हावी न होने दें.

चलिए अब आरम्भिक परीक्षण विधियों की सहायता से आपके शरीर की जीवनी शक्ति को जांचने का कार्य शुरू करते हैं.      
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कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 

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