कैंसर में बुन्देलखण्ड की कैंसर बूटी, इससे जड़ से कैंसर समाप्ति की बात झूठी

कैंसर में बुन्देलखण्ड की कैंसर बूटी, इससे जड़ से कैंसर समाप्ति की बात झूठी
पंकज अवधिया

आपने समय पर फीस जमा कराई इसलिए तीन दिनों के अंदर आपको मिलने का समय दे दिया गया. ४५ मिनटों का समय बहुत होता है. आप आराम से बैठिये. यदि जरूरत होगी तो मैं समय बढा दूंगा और इसके लिए आपको अतिरिक्त शुल्क नही देना होगा.

आपने बताया कि आप बनारस में प्रोफेसर हैं और अपने छात्रों से कैंसर पर शोष करवा रहे हैं. आप अपने साथ बुन्देलखण्ड की प्रसिद्ध कैंसर बूटी लेकर आये हैं. आपने बताया कि बुंदेलखंड के वैद्य इससे ही कैंसर की चिकित्सा करते हैं. यह छोटी और बड़ी दो प्रकार की होती हैं. आप बड़ी कैंसर बूटी में ज्यादा रूचि रखते हैं.

आप शोध आरम्भ करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह वाकई में उपयोगी है. आपको लगता है कि वैद्य इसके बारे में बताते जरुर हैं पर देते कुछ और हैं. मैं आपकी मदद करने को तैयार हूँ.

बुन्देलखण्ड की बड़ी कैंसर बूटी हमारे छत्तीसगढ़ में भी मिलती है. इसे हम बड़ी ढेकना जड़ी कहते हैं.  ढेकना का अर्थ होता है खटमल. बिस्तर में इसकी पत्तियों को फैला देने से खटमल भाग जाते हैं.

बुन्देलखण्ड के वैद्य कैंसर के लिए इसका प्रयोग करते हैं क्योंकि इसकी पत्तियों में खांसी को दूर करने की असीम क्षमता होती है. इसकी जड़ से कैसा भी ज्वर ठीक हो जाता है इसलिए इसे अल्प मात्रा में बच्चों को दिया जाता है ताकि उन्हें मौसमी ज्वर न आये साल भर. ज्वर और खांसी कैंसर के रोगियों के साथ जुड़े होते हैं. इस बूटी का प्रयोग कैंसर के रोगियों को इन दोनों से बचाकर रखता है.

कैंसर की चिकित्सा में इसका सीधा प्रयोग रोग को कम करने के लिए नही होता है. बुन्देलखण्ड के वैद्य इसके साथ दूसरी वनस्पतियों का प्रयोग करते हैं जो कि कैंसर की चिकित्सा में सीधी भूमिका निभाती हैं.

हमारे राज्य में बाँझ कही जाने वाली महिलाओं के लिए इसका प्रयोग सफलतापूर्वक  पारम्परिक चिकित्सक पीढीयों से करते आ रहे हैं. इसकी माला बनाकर भी महिलाओं को पहनाया जाता है.

मुझे लगता है कि आप कैंसर पर सीधा असर करने वाली वनस्पतियों पर शोध करें न कि अप्रत्यक्ष रूप से उपयोग की जाने वाली वनस्पतियों पर.

आशा है मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से आपको लाभ हुआ होगा.

आप किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है.  


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