कैंसर हो सकता है जहरीली बूटी से, खाए न कभी इन्हें गलती से

कैंसर हो सकता है जहरीली बूटी से, खाए न कभी इन्हें गलती से
पंकज अवधिया  

मैंने आपको दस वर्षों पहले ही कह दिया था कि आपको मुँह का कैंसर हो सकता है पर आपने हँस के टाल दिया था. उस समय मैंने यह भी कहा था कि यदि आपको कैंसर हुआ तो शायद ही कोई आपको बचा पाए. ऐसे में एक बार जरुर मुझसे मिलने आइयेगा. इस बार आप और जोर से हँसे थे.

आज आप मिलने आये हैं. मुँह का कैंसर आपको हुआ है और डाक्टरों के अनुसार आप रोग की अंतिम अवस्था में हैं. मुंह की  बदबू पूरे कमरे में फ़ैल रही है. स्थिति बहुत बुरी है. इसलिए आपको कोई अस्पताल रखने को तैयार नही है और आपके परिजन भी इस संकट की घड़ी में मुँह मोड़ रहे हैं. मैं आपकी मदद करूंगा और कोशिश करूंगा कि आप इस चक्रव्यूह से बाहर निकलें.

मुझे याद आता है दस वर्ष पहले का वह दृश्य जब मैं अपने वानस्पतिक सर्वेक्षणों के लिए आपके गाँव के पास से गुजर रहा था. मुझे किसी ने बताया कि पास ही में एक सिद्ध बाबा हैं जो कैसी भी जहरीली बूटी को अपने मुँह में रख सकते हैं और उसे खा भी सकते हैं.

कौतुहलवश मैं आपके गाँव चला आया जहां आप अपने पांच सौ से अधिक चेलों के सामने अपनी विद्या का प्रदर्शन कर रहे थे. आपने धतूरे से लेकर कुम्ही तक का सेवन कर चेलों को अचम्भित कर दिया. पर जब आपने घोषणा की कि आप कलिहारी जैसे जहरीली  वनस्पति का सेवन करने जा रहे हैं तो मेरा दिल काँप उठा.

आपने इसे भी करके दिखाया और यही नही आपने कलिहारी को लम्बे समय तक मुँह में रखा. यह वही वनस्पति है जिसका एक छोटा सा अंश तमिल टाइगर्स की सुसाइड केप्सूल के अंदर उनके गले में बंधा रहता था और जिसकी अल्प मात्रा कुछ ही समय में जान ले लेती है. इसमें साइनाइड होता है.

आपने उस समय मुझे बताया था कि आप ऐसा साल में एक बार करते हैं और कलिहारी को शोधित कर लेते हैं. इससे इसका विषैलापन खत्म हो जाता है. पर बाद में मुझे खबर मिली कि इस तरह का प्रदर्शन आप देश भर में करने लगे. आपने दुनिया भर में अपनी विद्वता का लोहा मनवा लिया पर कैंसर से नही बच पाए.

आपने यदि चिकित्सकों को बताया होता कि किस जहरीली वनस्पति के कारण आपको यह कैंसर हुआ है तो वे शायद आपकी कुछ मदद कर पाते. आप दुनिया के बड़े देशों में भी गये पर सब जगह से आपको वापस भेज दिया गया.

मुझे बस्तर के पारम्परिक चिकित्सकों के साथ बिताये दिन याद आते हैं जब मैंने उनसे जहरीली वनस्पतियों के कारण होने वाली स्वास्थ समस्याओं के समाधान के लिए उपयोगी जड़ी-बूटियों की शिक्षा प्राप्त की.

वे कलिहारी के विष के कारण होने वाली समस्याओं को कई सप्ताह तक बताते रहे और फिर इससे होने वाले कैंसर को कैसे पारम्परिक परीक्षण विधियों से पहचाना जा सकता है यह भी बताया.

आज वही पारम्परिक ज्ञान आपकी प्राण रक्षा कर सकेगा ऐसा  मेरा विश्वास है.

मैं आपको अपने एक पारम्परिक चिकित्सक मित्र के पास भेज रहा हूँ जहाँ वे मेरे निर्देशानुसार जड़ी-बूटियों का प्रयोग करेंगे. मैं भी हर एक दिन की आड़ में आता रहूंगा.

आप परेशान न हों, सब कुछ ठीक हो जाएगा.   

सर्वाधिकार सुरक्षित

कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 

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