कैंसर में पुनर्नवा, इंद्रजौ और काली हल्दी, दिव्य दंडक बूटी के साथ असर करे जल्दी

कैंसर में पुनर्नवा, इंद्रजौ और काली हल्दी, दिव्य दंडक बूटी के साथ असर करे जल्दी
पंकज अवधिया  

आपकी रिसर्च टीम के एक-दो सदस्य काफी थे. आप तो पूरे २० सदस्यों को लेकर आ गये हैं. अच्छा हुआ जो आपने एक बड़े होटल में मुझे बुलवा लिया. यहाँ पर्याप्त जगह है चर्चा के लिए.

आप प्रसिद्ध दवा कम्पनी के मालिक हैं और आपकी रिसर्च टीम कैंसर की चिकित्सा के लिए कारगर नुस्खों की तलाश में है. आपने बताया कि आपकी  रिसर्च टीम मुझसे किडनी के कैंसर के विषय में बात करना चाहती है. आप सबका स्वागत है.

आपने बताया कि आपकी टीम पुनर्नवा पर शोध कर रही हैं और इस पर एक कारगर नुस्खा बनाया है.

आपके फार्मूले में आठ वनस्पतियाँ हैं पर आप इन घटकों के बारे में जानकारी गोपनीय रखना चाहते हैं. आपके फार्मूले के कुछ दोष हैं ऐसा आपने बताया और उन्हें दूर करने के लिए आप मुझसे मिलने आये हैं.

आपका कहना है कि मिर्गी की आधुनिक और पारम्परिक दवाओं के साथ आपका फार्मूला उलटे-सीधे परिणाम देता है. आपने मिर्गी की दवाओं की लम्बी सूची मुझे दी है.

जब तक आप पूरे फार्मूले के बारे में विस्तार से नही बतायेंगे मैं आपकी मदद  नही कर पाउँगा. इसलिए मैंने आपसे एक बार फिर से अनुरोध किया. 

चलिए आपने मेरी बात को समझा और फार्मूले के बारे में विस्तार से बताया. आपके फार्मूले में पुनर्नवा के साथ इंद्रजौ है.

मेरा अपना अनुभव है कि इन दोनों वनस्पतियों का प्रयोग जब भी किसी फार्मूले में किया जाता है तो उसमे काली हल्दी जैसी वनस्पति का होना जरूरी है. जहां एक ओर काली हल्दी पुनर्नवा के प्रभाव को बढा देती है वही इसकी उपस्थिति इंद्र जौ को अच्छे से असर करने के लिए मजबूर करती हैं. पुनर्नवा और इंद्रजौ आपस में प्रतिक्रिया करके बहुत सी समस्याएं पैदा करते हैं जिम्हे काली हल्दी की उपस्थिति समाप्त कर देती है.

काली हल्दी आप जंगल से यदि ला रहे हैं तो पहले उसे आप उपचारित कर लें. बाजार से काली हल्दी खरीदना खतरे से खाली नही है.

आप इस फार्मूले में दंडक बूटी भी जोड़ें ताकि मिर्गी की दवाओं से यह फार्मूला विपरीत प्रतिक्रिया न करे.

दंडक बूटी आपको केवल वर्षा ऋतु में मिलेगी. मैं आपको सलाह दूंगा कि आप इसे जंगल से लाकर इसकी खेती आरम्भ करे ताकि आपकी साल भर की जरूरत पूरी हो सके. इसे उगाना आसान है और मैं आपको इस क्षेत्र में मदद कर दूँगा.

मुझे  विश्वास है कि इन परिवर्तनों से फार्मूले के दोष दूर हो जायेंगे. आप नये फार्मूले को आजमाए और जरूरत पड़ने पर फिर से मुलाक़ात कर लें.

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.
-=-=-
कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 

सर्वाधिकार सुरक्षित

Comments

Popular posts from this blog

Some well known and promising traditional formulations and home remedies of Chhattisgarh, India needing scientific explanation. 6-405. [Compilation of Summaries and Research Articles] (New comments and results of recent [year 2005 onwards] Ethnobotanical surveys)

गुलसकरी के साथ प्रयोग की जाने वाली अमरकंटक की जड़ी-बूटियाँ:कुछ उपयोगी कड़ियाँ

तेलिया कंद से चमत्कारिक कैंसर उपचार: ठगी का एक और माध्यम