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क्या जल्दी कर दी हमने आने में?

क्या जल्दी कर दी हमने आने में? - पंकज अवधिया " क्षमा करे पर शेयर्ड होस्टिंग श्रेणी में हम आपकी वेबसाईट नहीं रख सकते| आपको वर्चुअल पर्सनल सर्वर श्रेणी में जाना होगा| इसके आपको बीस हजार रूपये लगेंगे सालाना|" हम (माने मैं और मेरा वेबमास्टर) अपनी वेबसाईट में ३० जीबी की सामग्री की अपलोडिंग समाप्त करने ही वाले थे कि यह सूचना आई| हम तैयार हो गए ५००० सालाना से बीस हजार सालाना की स्कीम के लिए| जब हम ३५ जीबी पर पहुंचे तो सूचना आई कि आप डेडीकेटेड सर्वर श्रेणी में जाए जिसका किराया लगभग ४८,००० रूपये हैं आधे साल का | यदि आप तैयार नहीं है तो हम आपकी साईट को होस्ट नहीं कर सकते| हमारे होश उड़ गए| वेबसाईट में दो ऐसे हिस्से थे जो ट्रेफिक का भार नहीं सहन कर पा रहे थे| एक हिस्सा जिसमे ६५०० से ज्यादा पीडीएफ फ़ाइल थी और एक फ़ाइल की साइज ३ से ४ एमबी थी| और दूसरा हिस्सा फोटो गैलरी का जिसमे दस लाख से अधिक फोटोलिंक्स थे| आखिर हमने फैसला किया कि हम इन दोनों को वेबसाईट से हटा लेंगे और चार जीबी की सामग्री ही वेबसाईट में रहने देंगे| छत्तीसगढ़ के जंगलों की ख़ाक छानते हुए औ...

मरणासन्न रोगी और बाहरी तौर पर प्रयोग की जाने वाली वनस्पतियों की सफलता

पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान के साथ मेरी जीवन यात्रा-१ - पंकज अवधिया मरणासन्न रोगी और बाहरी तौर पर प्रयोग की जाने वाली वनस्पतियों की सफलता रात में देर से सोने के कारण सुबह जल्दी उठने की योजना नहीं थी| लगभग नब्बे हजार चित्रों और लाखों फोटोलिंक्स वाली मेरी वेब गैलरी में कुछ तकनीकी समस्या हो गयी और उसे आफ-लाइन करना पडा| मुझे बताया गया कि फिर से आन-लाइन करने में कुछ वक्त लग सकता है| मन में खिन्नता थी पर यह अच्छा हुआ कि नींद आ गयी बिना परेशानी के| सपने में जंगल की ख़ाक छान रहा था कि तेज आवाज ने मेरी आंखे खोल दी| पता चला कि किसी मरणासन्न रोगी के घरवाले काफी समय से मेरे उठने की प्रतीक्षा कर रहे हैं| मै उठा और वैसे ही उनके सामने हाजिर हो गया| रोगी हिलने-डुलने की स्थिति में नहीं है इसलिए मुझे चलना होगा| मैंने अपना रटारटाया संवाद दोहरा दिया कि मैं चिकित्सक नहीं हूँ| पर वे मानने को तैयार नहीं थे| "कम से कम एक बार देख तो लीजिये|" उनका अनुरोध टाला नहीं जा सका और आधे घंटे बाद मैं रोगी के सामने खड़ा था| ६५ वर्षीय महिला की हाल...