पंकज अवधिया, एडस, जडी-बूटियाँ और पारम्परिक चिकित्सक
क्या हुआ जब आधुनिक चिकित्सा पद्धतियो द्वारा हाथ खडे कर देने के बाद एडस के रोगी पारम्परिक चिकित्सको के पास पहुँचे? कैसे वनस्पतियो की सहायता से लक्षणो के आधार पर पारम्परिक चिकित्सको ने उस बीमारी का इलाज शुरु किया जिसका चिकित्सकीय नाम तक उन्होने नही सुना था? क्या सभी रोगी बच पाये? क्या लाइलाज कहे जाने वाले आधुनिक रोगो मे पारम्परिक चिकित्सको के प्रयोग आधुनिक चिकित्सा को कुछ मदद कर पायेंगे? इन्ही सब प्रश्नो के उत्तर के लिये एडस के रोगियो के कुछ मामलो मे उपयोग की गयी जडी-बूटियो के बारे मे विस्तार से मामला-दर-मामला लिखने का प्रयास जारी है। इन शोध प्रकाशनो की सूची नीचे दे गयी है। Oudhia, P. (2007-2009). Detailed report on case studies of AIDS patients treated by Indian Traditional Healers with Herbal Formulations. 1. Case of 35 years old man. CGBD (Offline Database on Chhattisgarh Biodiversity), Raipur, India. Oudhia, P. (2007-2009).Detailed report on case studies of AIDS patients treated by Indian Traditional Healers with Herbal Formulations. 2. Case of little boy. CGBD (Offline Database on C...