कैंसर में मुंडी की छाल के साथ अति घी, आपकी जान जा सकती है कभी भी
कैंसर में मुंडी की छाल के साथ अति घी, आपकी जान जा सकती है कभी भी पंकज अवधिया कैंसर के नाना प्रकार के उपचारों के बारे में मुझसे जानकारी मिलती रहती है. इनमे से कुछ ही कारगर उपचार होते हैं. शेष उपचार तो वैद्यों द्वारा किये गये वैसे ही प्रयोग होते हैं जिसे आम बोलचाल की भाषा में अँधेरे में तीर चलाना कहा जाता है. आपको गुटखे के कारण होने वाला मुंह का कैंसर है और आपके डाक्टरों ने आपका इलाज बंद कर दिया है. आप हार नही मानना चाहते हैं. यह अच्छी बात है. आपने दसों वैद्यों से दवाएं ली पर आपका कैंसर बढ़ता ही गया. हाल ही में आपने राजस्थान के एक वैद्य से दवा लेनी शुरू की है. वे आपको दवा के रूप में बहुत अधिक मात्रा में गाय के घी का सेवन करा रहे हैं. उनका दावा है कि उन्होंने गाय को केवल गन्ना खिलाकर दूध प्राप्त किया है और फिर उससे घी बनाया है. वे मानते हैं कि इससे आपके शरीर के सारे विष समाप्त हो जायेगे और आप कैंसर से पूरी तरह मुक्त हो जायेंगे. जड़ी-बूटी के नाम पर वे आपको कालमेघ और मुंडी नामक वृक्ष की छाल का काढा दे रहे हैं. यह उपचार आपके लिए अटपटा है क्योंकि घी के अति सेवन से आपका...