कैंसर में पातालगरुडी, Sorafenib के साथ पटरी से उतार सकती है जिन्दगी की गाड़ी

कैंसर में पातालगरुडी, Sorafenib के साथ पटरी से उतार सकती है जिन्दगी की गाड़ी
पंकज अवधिया



चाहे देशी हो या विदेशी सभी तरह की दवाएं जो कि कैंसर की चिकित्सा में प्रयोग की जाती है शरीर को कुछ नुकसान अवश्य पहुंचाती हैं. पर इन दवाओं के विवेकपूर्ण प्रयोग से इन नुकसानों से बचा जा सकता है.

आपने लीवर के कैंसर के लिए मुझसे सम्पर्क किया था. आप दिल्ली में आधुनिक उपचार करवा रहे थे और आपको Sorafenib नामक दवा दी जा रही थी.

कैंसर बहुत फैल चुका था इसलिए आपने पारम्परिक उपचार भी लेना शुरू किया. पारम्परिक उपचार के रूप में आप केरल के किसी वैद्य से दवा ले रहे थे.

आपने महसूस किया कि आपकी त्वचा रुखी होती जा रजी है. आपने धरेलू उपाय किये पर समस्या का समाधान नही हुआ. आपने अपने डाक्टर से सम्पर्क किया तो उन्होंने कई तरह की क्रीम आपको दी पर त्वचा की समस्या जारी रही.

उसके बाद त्वचा का रंग गहरा होने लगा और आपकी गोरी चमड़ी काली पड़ गयी. त्वचा के काले पड़ने के बाद उसमे फोड़े होने लगे और कैंसर के साथ यह एक नई समस्या पैदा हो गयी.

आपने इंटरनेट पर मेरे बारे में पढ़ा और फिर मिलने का समय लिया. आपने अपने कैंसर की बात मुझसे छिपाई और केवल काली त्वचा के लिए मुझसे परामर्श लिया. मैंने बार-बार पूछा कि कहीं आपको कैंसर तो नही है पर आप लगातार मना करते रहे. मैं आपकी अधिक मदद नही कर पाया.

एक महीने बाद आपने फिर से सम्पर्क किया. इस समय आपकी स्थिति और अधिक बिगड़ चुकी थी. इस बार आपने अपने कैंसर के बारे में मुझे बताया और साथ ही इसके लिए ली जा रही दवाओं के विषय में बताया.

आपने बताया कि आपको कैंसर के लिए आपके वैद्य पातालगरुडी पर आधारित पारम्परिक मिश्रण दे रहे हैं. इसमें साथ वे नौ प्रकार की जड़ी-बूटियों का प्रयोग कर रहे हैं. यह फार्मूला  कैंसर के लिए उपयोगी है पर आरम्भिक अवस्था में.

आप जिस अवस्था में है उसमे यह फार्मूला शायद ही असर करे. मैंने आपके कहने पर आपके वैद्य से बात की. वे इस फार्मूले को शक्तिशाली बनाना नही जानते हैं.

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आपके कैंसर की Sorafenib  नामक दवा की पातालगरुडी वाले फार्मूले के साथ नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है जिसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है. आप यदि दोनों में से एक दवा बंद कर दें तो आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा. त्वचा को सामान्य होने में कुछ समय लगेगा.

मैं आपकी दो तरह से सहायता कर सकता हूँ. एक तो मैं आपकी त्वचा के लिए दवा सुझा सकता हूँ. दूसरी सहायता के तौर पर मैं आपके वैद्य के फार्मूले में तीन और जड़ी-बूटियाँ जोड़ देता हूँ जिससे यह कैंसर से लड़ने में सक्षम हो जाएगा और इसकी कैंसर की  Sorafenib  नामक दवा से हो रही नकारात्मक प्रतिक्रिया भी रुक जायेगी.  

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.
-=-=-
कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 
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