कैंसर में जंगली हल्दी के साथ कपालफोड़ी, जरा सोच-समझकर बनाएं इनकी जोड़ी

कैंसर में जंगली हल्दी के साथ कपालफोड़ी, जरा सोच-समझकर बनाएं इनकी जोड़ी
पंकज अवधिया



कैंसर जैसा जटिल रोग हो या कोई साधारण रोग जड़ी-बूटियों का प्रयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना जरूरी है. जड़ी-बूटियाँ यदि जान बचा सकती हैं तो ये जान ले भी सकती हैं.

आपके बेटे को मुंह का कैंसर है और वह रोग की अंतिम अवस्था में है. इसलिए आपने आधुनिक उपचार अब बंद कर दिया है और पारम्परिक उपचार की सहायता से बेटे को राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं पर पारम्परिक चिकित्सा भी ज्यादा कारगर साबित नही हो रही है.

आपने हाल ही में आंध्रप्रदेश के पारम्परिक चिकित्सक से उपचार शुरू किया है. उनकी दवा लेने के बाद से आपके बेटे के पूरे शरीर में सूजन रहती है जो किसी भी तरह से नही जाती है. इसके अलावा उसके देखने की शक्ति तेजी से घट रही है.

आपके पारम्परिक चिकित्सक कहते हैं कि ऐसा कैंसर के फैलने के कारण हो रहा है और उन्होंने आपसे धैर्य रखने को कहा है. आपने उनकी बात मानी पर जब पानी सिर के ऊपर से निकल गया तब आपने मुझसे मिलने का मन बनाया और फिर समय लेकर परामर्श के लिए मेरे पास आये हैं.

आपने बेटे की सभी रिपोर्ट भेजी है और साथ ही पारम्परिक चिकित्सक द्वारा दी जा रही जड़ी-बूतियानो के बारे में थोड़ी सी जानकारी भी. आपने पारम्परिक चिकित्सक से मेरी बात भी करवाई पर भाषा की बाधा होने के कारण हम ज्यादा गहराई में चर्चा नही कर सके.

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि कैंसर के लिए पारम्परिक चिकित्सक कपालफोड़ी नामक औषधि का प्रयोग कर रहे हैं.  वे इसे मिश्रण के रूप में दे रहे हैं. इस मिश्रण में तीस प्रकार की जड़ी-बूटियाँ हैं. 

वे कपालफोड़ी को प्राथमिक घटक के रूप में उपयोग कर रहे हैं जबकि अन्य जड़ी-बूटियों को द्वितीयक घटक के रूप में.

कपालफोड़ी कैंसर की एक अच्छी दवा है और इसके साथ प्रयोग की जा रही जड़ी-बूटियाँ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कैंसर को जड़ से खत्म करने में अपनी अहम भूमिका निभाती है पर जिस अनुपात में इसे प्रयोग किया जा रहा है उससे यह फार्मूला घातक हो जाता है. इतना घातक कि इससे आपके बेटे की जान भी जा सकती है.

आपके पारम्परिक चिकित्सक ने बताया कि उन्हें यह फार्मूला हिमालय से आये किसी साधु से मिला है और वे पहली बार इसे आपके बेटे पर आजमा रहे हैं. कैंसर की अंतिम अवस्था में अक्सर रोगियों के जीवन से इसी तरह का खिलवाड़ किया जाता है जान बचाने के नाम पर.

यदि इस फार्मूले में कपालफोड़ी को प्राथमिक घटक के रूप में, दसमथ  को तृतीयक घटक के रूप में, पाकर को चतुर्थक घटक के रूप में, जंगली हल्दी और जंगली सूरन को पंचम घटक के रूप में और महाजाल को सप्तम घटक के रूप में शामिल किया जाए और शेष सभी जड़ी-बूटियों को दशम घटक के रूप में प्रयोग किया जाए तो इस फार्मूले से आपके बेटे की जान बच सकती है. मुझे नही लगता है कि आपके पारम्परिक चिकित्सक किसी फ्र्बद्ल के लिए तैयार होंगे.

मैं इन जड़ी-बूटियों का प्रबंध करके आपके बेटे की चिकित्सा की व्यवस्था करता हूँ. आप निराश न हो.  

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.
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कैंसर की पारम्परिक चिकित्सा पर पंकज अवधिया द्वारा तैयार की गयी 1000 घंटों से अधिक अवधि की  फिल्में आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं. 
सर्वाधिकार सुरक्षित

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