किडनी के रोगियों को पारम्परिक चिकित्सक नंगे हाथों से गूलर या डूमर के फलों को दिन में कई बार छूने को कहते हैं
किडनी के रोगियों को पारम्परिक चिकित्सक नंगे हाथों से गूलर या डूमर के फलों को दिन में कई बार छूने को कहते हैं. फलों को वृक्षों में लगे रहने दिया जाता है. रोगियों को जड़ी-बूटियों के सेवन के बाद गूलर के फलों को स्पर्श करने के लिए विशेष तौर पर कहा जाता है.
- पंकज अवधिया अपनी पुस्तक "भारतीय पारम्परिक चिकित्सा" में
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