किडनी के रोगियों के लिए अश्वगंधा (असगंध) के विवेकपूर्ण प्रयोग के पक्षधर हैं पारम्परिक चिकित्सक

किडनी के रोगियों  के लिए अश्वगंधा (असगंध) के विवेकपूर्ण प्रयोग के पक्षधर हैं पारम्परिक चिकित्सक।  असगंध के  पौधों पर रूट राट नामक रोग का आक्रमण होता है. यदि इस रोग से प्रभावित जड़ का सेवन किडनी के रोगी कर लें तो रोग बढ़ जाता है और नाना प्रकार की दूसरी तकलीफें पैदा हो जाती हैं. इसलिए बाजार से असगंध खरीदने की बजाय किसी पारम्परिक चिकित्स्क या विश्वसनीय स्त्रोत से इसे लेने की सलाह पारम्परिक चिकित्सक देते हैं किडनी रोगियों को. त्वचा रोगियों को तो वैसे ही असगंध  नही दिया जाता है पारम्परिक  चिकित्सा मे.  

- पंकज अवधिया अपनी पुस्तक "भारतीय पारम्परिक चिकित्सा" में 



  

Comments

Popular posts from this blog

गुलसकरी के साथ प्रयोग की जाने वाली अमरकंटक की जड़ी-बूटियाँ:कुछ उपयोगी कड़ियाँ

तेलिया कंद से चमत्कारिक कैंसर उपचार: ठगी का एक और माध्यम

कैंसर में कामराज, भोजराज और तेजराज, Paclitaxel के साथ प्रयोग करने से आयें बाज