बालों को दोबारा उगाना अब शायद हो जाए बच्चों का खेल: पंकज अवधिया की जंगल डायरी (जून २० , २०१५ से आगे )

बालों को दोबारा उगाना अब शायद हो जाए बच्चों का खेल:  पंकज अवधिया की जंगल डायरी  (जून २० , २०१५  से आगे ) 

वर्ष १९९० से मैंने जिन  औषधीय वनस्पतियों पर अपने शोध को केंद्रित किया उनमे से वे भी वनस्पतियाँ थी जिनमे बालों को दुबारा उगाने की क्षमता थी. पिछले २५ वर्षों में मैं अनगिनत पारम्परिक चिकितसकों से मिला जो की दावा  करते रहे है कि वे बालों को दोबारा उगा  सकते हैं, उनके ज्ञान का मैंने विधिवत दस्तावेजीकरण किया। उनके नुस्खों की परीक्षा  की उनमे सुधार किये और साथ ही उनकी सीमाओं  के विषय में पारम्परिक चिकित्सकों को बताया। बालों पर हजारों लेख और फिल्मे जिन्हे मैंने अपने वानस्पतिक सर्वेक्षणों के आधार पर बनाया था उन्हें नेट पर अपलोड किया  ताकि नई पीढ़ी के शोध कर्ता इसमें रूचि लें और नुस्खों को  और अधिक कारगर बनाये। 

यदि आप मुझसे पूछें कि क्या आपको बालों को उगाने का पाइफेक्ट फार्मूला मिल गया और मैं  कह सकता हूँ कि हाँ मुझे मिल  गया है. फिर आप पूछ सकते हैं कि किस घने जंगल में मिला और कितनी मशक्क़त करनी पडी तो मेरा उत्तर शायद आपको चौंका देगा। मुझे बालों को दोबारा उगा देने वाली  दवा अपने ही घर में मिली और यह सभी आम घरों में उपलब्ध है. यह अलग बात है कि सहसा उसके इस साधारण से  लगने वाले चमत्कारी प्रयोग  को हम नही जान पाते हैं. नही, यहां मैं उस नुस्खे का खुलासा नही कर  रहा हूँ. पर बालों के रोगों और उनकी पारम्परिक चिकित्सा से संबंधित कुछ वीडियो जरूर प्रस्तुत कर रहा हूँ.   



















         

Comments

Popular posts from this blog

Some well known and promising traditional formulations and home remedies of Chhattisgarh, India needing scientific explanation. 6-405. [Compilation of Summaries and Research Articles] (New comments and results of recent [year 2005 onwards] Ethnobotanical surveys)

गुलसकरी के साथ प्रयोग की जाने वाली अमरकंटक की जड़ी-बूटियाँ:कुछ उपयोगी कड़ियाँ

तेलिया कंद से चमत्कारिक कैंसर उपचार: ठगी का एक और माध्यम